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Day: April 7, 2022

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने |

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने |

उत्तराखण्ड
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने | पिछले दिनों मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार धामी जब चंपावत विधानसभा के राजनीतिक दौरे पर गए तो उनके वहां से उपचुनाव लड़ने की कयासबाजी ने जोर पकड़ा। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद नए कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगे, बेशक अभी यह तय नहीं है, लेकिन सियासी हलकों में उनके कैंट सीट से चुनाव लड़ने की संभावना से जुड़ी चर्चाएं गरमाने लगी हैं। मुख्यमंत्री को छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना है, इसके लिए उन्हें उपचुनाव लड़ना है। करीब छह विधायक अभी तक उनके लिए अपनी सीट खाली करने का एलान कर चुके हैं। उपचुनाव के लिए उन्हें ऐसी विधानसभा सीट की तलाश है, जिसपर चुनाव लड़ना सहज हो। पिछले दिनों मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार धामी जब चंपावत विधानसभा के राजनीतिक ...
आंदोलनकारी आरक्षण मामले में लचर पैरवी तो खनन मामले में जबरदस्त पैरवी क्यों|

आंदोलनकारी आरक्षण मामले में लचर पैरवी तो खनन मामले में जबरदस्त पैरवी क्यों|

राजनीतिक
आंदोलनकारी आरक्षण मामले में लचर पैरवी तो खनन मामले में जबरदस्त पैरवी क्यों| आंदोलनकारी आरक्षण मामले में लचर पैरवी तो खनन मामले में जबरदस्त पैरवी क्यों सरकार! - मोर्चा #आंदोलनकारी आरक्षण मामले में सरकारी वकीलों की फौज क्यों हुई फ्लॉप ! #खनन कारोबारियों के हितों की पैरवी को सॉलीसीटर जनरल तो आंदोलनकारियों के मामले में क्यों नहीं ! विकासनगर - जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि कल राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण मामले में सरकार की तरफ से की गई लचर पैरवी आंदोलनकारियों पर कुठाराघात कर गई, जिस कारण आंदोलनकारियों की नौकरी पर बन आई | सरकार मॉडिफिकेशन एप्लीकेशन एवं अपने नोटिफिकेशन को बचाने में नाकामयाब रही यानी सरकार की मंशा आंदोलनकारियों के हितों की रक्षा करना कतई नहीं था | नेगी ने कहा कि एक तरफ सरकार खनन कारोबारियों के हितों की रक्षा हेतु मा...
बढ़ सकता है केदारनाथ हेली सेवा का किराया, कंपनियों की मांग पर सरकार करेगी फैसला|

बढ़ सकता है केदारनाथ हेली सेवा का किराया, कंपनियों की मांग पर सरकार करेगी फैसला|

उत्तराखण्ड
बढ़ सकता है केदारनाथ हेली सेवा का किराया, कंपनियों की मांग पर सरकार करेगी फैसला| एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएस) के दाम में करीब 40 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी के बाद हेली कंपनियों ने सरकार से किराया बढ़ाने की मांग की है। कंपनियों की इस मांग पर अब सरकार को फैसला करना है। चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा पर महंगाई की मार पड़ सकती है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएस) के दाम में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के कारण केदारनाथ हेली सेवा का किराया भी बढ़ सकता है। हेली कंपनियों की ओर से सरकार से किराया बढ़ाने देने की मांग की गई है। हेली एविएशन एसोसिएशन की ओर से दिए किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव को जल्द ही सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से हेली सेवा संचालित करने को नौ कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया है। ज...