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Day: April 29, 2022

126 लोगों ने कराई अपने स्वास्थ्य की जांच  सामान्य सा समझा जाने वाला दर्द हो सकता है आर्थराइटिस के लक्षण – डॉ. उमर खुर्शीद

126 लोगों ने कराई अपने स्वास्थ्य की जांच सामान्य सा समझा जाने वाला दर्द हो सकता है आर्थराइटिस के लक्षण – डॉ. उमर खुर्शीद

उत्तराखण्ड, हेल्थ
126 लोगों ने कराई अपने स्वास्थ्य की जांच सामान्य सा समझा जाने वाला दर्द हो सकता है आर्थराइटिस के लक्षण - डॉ. उमर खुर्शीद देहरादून - वेलमेड हॉस्पिटल व के.एस. डायगनोस्टिक सेंटर ने बंजारावाला में एक स्वास्थय जांच शिविर का आयोजन कराया। जिसमें 126 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। हैल्थ कैंप में हड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ उमर खुर्शीद व जनरल फिजिशन डॉ. संजीव कुमार कटारा ने मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया। हैल्थ कैंप का उद्घाटन मंडल अध्यक्ष विजय भट्ट द्वारा रिबन काट कर किया गया | इस अवसर पर पार्षद दर्शन लाल बिंजोला व सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे भी उपस्थित रहें। इस मौके पर डॉ. उमर खुर्शीद ने कहा कि लोग अक्सर हड्डियों में होने वाली बीमारियों को नजरअंदाज करते हैं, जैसे हाथ-पैरों में होने वाले हल्के दर्द को आम दर्द समझ कर अनदेखा कर लेते हैं, लेकिन यही दर्द बाद में आर्थराइटिस बन सकता है, ...

रिस्पना पुल पर लगता है घंटों जाम… उत्तराखंड विधानसभा से सटे इस पुल पर खड़े रहते हैं अनेक वाहन

उत्तराखण्ड
रिस्पना पुल पर लगता है घंटों जाम... उत्तराखंड विधानसभा से सटे इस पुल पर खड़े रहते हैं अनेक वाहन देहरादून - राज्य की राजधानी का शहरी क्षेत्र पूरी तरह से प्रतिदिन जाम की गिरफ्त में रहता है| सवेरे होते ही, शाम होने पर और रात्रि तक राजधानी की सड़कों पर जाम ही जाम दिखाई देता है | चरमराती हुई यातायात व्यवस्था का हाल यूं तो पूरे शहर की सड़कों पर एवं मुख्य चौराहों पर देखा जा सकता है, लेकिन रिस्पना पुल एवं उसके आसपास का सड़क मार्ग वाहनों के भारी जाम से जूझता हुआ दिखाई देता है | हैरानी की बात यह है कि इस रिस्पना पुल से सटकर उत्तराखंड राज्य की विधानसभा है, बावजूद इसके जिस तरह से यातायात व्यवस्था यहां की प्रतिदिन बदहाल रहती है, यह सुरक्षा की दृष्टि से तो ठीक नहीं है, बल्कि पुल पर ही तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के खड़े होने से अथवा अवैध पार्किंग होने के कारण यह मामला भी यातायात के नियमों को ठें...

बोया बीज बबूल का… फल काहे को होय! *पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां?

उत्तराखण्ड
बोया बीज बबूल का... फल काहे को होय! *पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां? "22 वर्षों में उत्तराखंड को स्वच्छ वातावरण एवं हरियाली देने के वायदे कितने साकार किए गए, यह आज एक ज्वलंत गंभीर विषय है" देहरादून - उत्तराखंड राज्य को ऑक्सीजन का भंडार बताने वाले तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के दावे करने वाले आज उत्तराखंड राज्य को कितना हरा भरा बनाने में कामयाब हुए हैं उसका परिणाम आज पृथक राज्य बनने के करीब 22 वर्षों के पश्चात देखने को मिल रहा है जो कि काफी दुखद एवं गंभीर चिंतन का विषय है कई पर्यावरण विधि पर्यावरणविद एवं चिंतकों ने उत्तराखंड राज्य को हरा भरा बनाने की दिशा में बहुत कुछ बलिदान दिए और आंदोलन भी करने में कोई कमी नहीं छोड़ी साथ ही राज्य की सरकारों को अल्टीमेटम भी देकर उत्तराखंड राज्य की अमूल्य वन संपदा को बचाने एवं बनाने की दिशा में उल्लेखनीय...

खेलो मास्टर गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव ने की खिलाड़ियों के नाम की घोषणा

उत्तराखण्ड
खेलो मास्टर गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव ने की खिलाड़ियों के नाम की घोषणा "खेलो मास्टर्स गेम्स" नेशनल प्रतियोगिता मे 85 खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग : वीरेंद्र रावत देहरादून - 'खेलो मास्टर्स गेम्स' फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव विरेन्द्र सिंह रावत ( नेशनल और स्टेट अवार्ड से सम्मानित ) ने जानकारी देते हुए उत्तरांचल प्रेस क्लब में मीडिया को बताया कि उत्तराखंड राज्य का मुख्य खेल फुटबाल है, इसी तर्ज पर उत्तराखंड की फुटबाल टीम उम्र 40 प्लस, 50 प्लस पुरुषों की और एथलेटीक की टीमें प्रतिभाग करेंगी, जिसमे उत्तराखंड से 85 खिलाडी प्रतिभाग करेंगे | श्री रावत ने बताया कि खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के तत्वधान मे दिल्ली मे 30 अप्रैल से 3 मई तक त्यागराज स्टेडियम मे प्रतियोगिता आयोजित होगी | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे खेलों क़ो बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया, फि...