सीएम धामी ने एनडी तिवारी की तरह विपक्ष की बजाए अपनी ही पार्टी के विधायक की सीट खालीकर कराकर राजनीतिक मूल्याें का किया पालन
आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीट को लेकर अटकल थम गईं। चंपावत से भाजपा विधायक कैलाश गहतोड़ी ने विधानसभा से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री के लिए उपचुनाव का रास्ता साफ कर दिया है। इस सियासी घटनाक्रम के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस राहत महसूस कर रही है।
गुटबाजी व असंतोष से घिरी कांग्रेस इस आशंका से परेशान थी कि कोई कांग्रेस का विधायक इस्तीफा देकर भाजपा के पाले में न चला जाए। इन सब सियासी अटकलों को निराधार साबित कर मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की सियासत में वैचारिक व सिद्धांतवादी सियासत को आगे बढ़ाकर नई उम्मीद जगाई है।
राज्य में 2002 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई तो तबके सांसद व दिग्गज नेता एनडी तिवारी को मुख्यमंत्री बनाया गया। एनडी ने लोकसभा से इस्तीफा दिया। तब रामनगर से कांग्रेस विधायक वाईएस रावत ने तिवारी के लिए इस्तीफा देकर सीट खाली की।
2007 में भाजपा सत्ता में...






