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Day: May 31, 2022

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा शुरू हो गई |

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा शुरू हो गई |

क्राइम, देश-विदेश
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा शुरू हो गई | पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। इस दाैरान उनका आखिरी गाना 'द लास्ट राइड' गांव मूसा में बजाया गया। अंतिम यात्रा के लिए मां ने आज आखिरी बार बेटे के बाल संवारे। पिता ने पगड़ी पहनाई। ताबूत में लिटाए गए बेटे को मां-पिता एकटक निहारते रहे। दूर-दूर से लाखाें प्रशंसक यहां पहुंचे हैं। खेत में ही मूसेवाला का अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशंसकाें ने पंजाब सरकार मुर्दाबाद के लगाए नारे सूत्रों के मुताबिक मूसेवाला की शव यात्रा में पंजाब सरकार मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं। मूसेवाला के प्रशंसक उनकी सिक्योरिटी हटाने और जानकारी सार्वजनिक किए जाने के चलते सरकार से नाराज हैं। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। सोमवार दोपहर के बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुआ था। मूसेवाला की र...
उत्तराखंड के चंपावत में आज हो रहे हैं. विधानसभा उपचुनाव |

उत्तराखंड के चंपावत में आज हो रहे हैं. विधानसभा उपचुनाव |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के चंपावत में आज हो रहे हैं. विधानसभा उपचुनाव | CM बने रहने के लिए पुष्कर सिंह धामी की जीत जरूरी |  उत्तराखंड के चंपावत में आज विधानसभा उपचुनाव हो रहे हैं. इस उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उम्मीदवार हैं. शाम पांच बजे तक यहां मतदान होगा और नतीजे 3 जून को आएंगे. सीएम बने रहने के लिए धामी का चुनाव जीतना जरूरी है. बता दें कि फरवरी में हुए विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भारी बहुमत हासिल किया था. लेकिन चुनाव का चेहरा रहे पुष्कर धामी खटीमा से हार गए थे. इसके बाद सबको चौंकाते हुए चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी ने सीएम पुष्कर धामी के लिए सीट खाली की थी. पुष्कर सिंह धामी का किससे मुकाबला? चंपावत विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने कांग्रेस उम्मीदवार निर्मला गहतोड़ी, सपा समर्थित उम्मीदवार मनोज कुमार भट्ट और निर्दलीय प्रत्याशी ह...
भारत ने जाफना शहर में 700 मछुआरों की मदद के लिए 15,000 लीटर केरोसिन श्रीलंका भेजा,

भारत ने जाफना शहर में 700 मछुआरों की मदद के लिए 15,000 लीटर केरोसिन श्रीलंका भेजा,

देश-विदेश, राष्ट्रीय
भारत ने जाफना शहर में 700 मछुआरों की मदद के लिए 15,000 लीटर केरोसिन श्रीलंका भेजा, विदेशी मुद्रा भंडार के खत्म होने की वजह से भोजन, ईंधन और दवा जैसी बुनियादी चीजों के आयात के लिए जूझ रहे श्रीलंका की भारत हर तरह से मदद कर रहा है। शुक्रवार को भारत ने जाफना शहर में 700 मछुआरों की मदद के लिए 15,000 लीटर केरोसिन श्रीलंका भेजा, जो शनिवार को वहां पहुंच गया। जाफना में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने राकेश नटराज ट्वीट कर बताया कि भारत से भेजे गए 15,000 लीटर केरोसिन को श्रीलंका के मात्स्यिकी मंत्री डगलस देवानंद की मौजूदगी में डेल्फ्ट, नैनातिवू, इलवैतिवू और अनालितिवू के 700 मछुआरों को भारत की तरफ से मदद के तौर पर वितरित किया गया। विश्व बैंक श्रीलंका को 70 करोड़ डॉलर देगा आयात जरूरतों के लिए विश्व बैंक ने श्रीलंका को 70 करोड़ डॉलर की देगा। विश्व बैंक श्रीलंका के मौजूदा कर्जों को ही नए मद में आवंटित ...
क्या अतिक्रमण की जद में नहीं है डिस्पेंसरी रोड पर बना सुलभ शौचालय?

क्या अतिक्रमण की जद में नहीं है डिस्पेंसरी रोड पर बना सुलभ शौचालय?

उत्तराखण्ड
क्या अतिक्रमण की जद में नहीं है डिस्पेंसरी रोड पर बना सुलभ शौचालय? राजीव गांधी कंपलेक्स से  सटाकर नगर निगम ने करवाया शौचालय का निर्माण! देहरादून- राजधानी दून में जगह-जगह अतिक्रमण के नजारे देखने दो मिलते रहे हैं I इन्हीं अतिक्रमण वाले स्थानों का समय-समय पर चिन्हीकरण भी संबंधित विभाग द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन जो निर्माण कार्य  स्वयं नगर निगम द्वारा किया गया हो अथवा कराया गया हो, उस अतिक्रमण हो कौन हटाएगा? स्थानीय डिस्पेंसरी रोड पर राजीव गांधी कॉन्प्लेक्स के पास सड़क पर कुछ समय पूर्व एक सुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया था| इस सुलभ शौचालय के निर्माण से डिस्पेंसरी रोड का यह  मार्ग बेहद तंग हो गया है और सुलभ शौचालय के अगल-बगल अथवा दाएं बाएं काफी संख्या में ठेलियां प्रतिदिन लगने से वहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहनों तथा राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | ऐसे में सवाल ...
हर वर्ष मनाते हैं पत्रकारिता दिवस! लेकिन पत्रकारों को उनके अधिकारों से क्यों किया जा रहा वंचित?

हर वर्ष मनाते हैं पत्रकारिता दिवस! लेकिन पत्रकारों को उनके अधिकारों से क्यों किया जा रहा वंचित?

उत्तराखण्ड
हर वर्ष मनाते हैं पत्रकारिता दिवस! लेकिन पत्रकारों को उनके अधिकारों से क्यों किया जा रहा वंचित? * बड़ा सवाल : न ही पत्रकार सुरक्षित और न ही पत्रकारिता है आज महफूज *मझोले एवं साप्ताहिक समाचार पत्रों को विज्ञापन देने में सरकार क्यों रहती है पीछे? देहरादून - कहने को तो पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में पत्रकारिता और पत्रकार की लेखनी अथवा कलम को वास्तव में कुचलने का काम जिस गति और षड्यंत्र के तहत किया गया है वह किसी पत्रकार एवं जागरूक समाज वर्ग से छिपा हुआ नहीं है |बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि पत्रकार को अपनी लेखनी पूरी तरह से पारदर्शी रखनी चाहिए, पत्रकार को अपना दायित्व निभाना चाहिए तथा पत्रकार को कभी भी अपना साहस नहीं खोना चाहिए | यही नहीं, यह भी सलाह और भाषण दिए जाते हैं कि पत्रकार को हमेशा निडर और निर्भीक होकर अपनी पत्रकारिता को अंजाम देना चाहिए | ...