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Month: August 2021

हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया के पिता नहीं रहे, वंदना ने गोल्ड लाने का किया था वादा

हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया के पिता नहीं रहे, वंदना ने गोल्ड लाने का किया था वादा

उत्तरप्रदेश, खेल
ओलिंपिक में महिला हॉकी के कांस्य पदक के लिए मुकाबले में भारतीय टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी। टीम मैच हार गई लेकिन, वंदना कटारिया ने भी एक गोल दागा। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित घर में हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया के भाई लखन कटारिया बहन के संघर्ष और पिता को याद कर फफक पड़े। तोक्यो ओलिंपिक में महिला हॉकी टीम का हिस्सा वंदना के भाई ने कहा कि बहन ने पिता से गोल्ड मेडल लाने का वादा किया था। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। अब पिता हमारे बीच नहीं हैं। बहन ने काफी संघर्ष किया है। उसने पापा के अंतिम दर्शन तक नहीं किए।...
वरिष्ठ कवि पागल फकीरा की एक ग़ज़ल… जीवन तो है खेल तमाशा, चालाकी नादानी है…

वरिष्ठ कवि पागल फकीरा की एक ग़ज़ल… जीवन तो है खेल तमाशा, चालाकी नादानी है…

राष्ट्रीय
पागल फकीरा भावनगर, गुजरात --------------------------------- ग़ज़ल जीवन तो है खेल तमाशा, चालाकी नादानी है, तब तक ज़िंदा रहते हैं, हम जब तक कि हैरानी है। आग, हवा, मिट्टी, पानी मिल कर रहते है कैसे ये, देख के ख़ुद को हैरां हूँ मैं, जैसे ख़्वाब कहानी है। मंज़र को आख़िर क्यूँ कर मैं, पहरों तकता रहता हूँ, ऊपर ठहरी चट्टानें है, राह में बहता पानी है। मुझको एक बीमारी है, तंद्रा में चलते रहने की, रातों में भी कब रुकता है, मुझ में जो सैलानी है। कल तक जिसने दुत्कारा, कह कह पागल पागल मुझको, दोस्त वही दुनिया तो अब फ़क़ीरा की दीवानी है।...
वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल.. वही जिन्दगी वही जिन्दगी के समझौते हैं…

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल.. वही जिन्दगी वही जिन्दगी के समझौते हैं…

राष्ट्रीय
जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड -------------------------------- गज़ल --------------------- वही जिन्दगी वही जिन्दगी के समझौते हैं कभी करे जाते हैं कभी खुदबखुद होते हैं। हम सभी क़िरदार हैं जिन्दगी के नाटक में जो उजाले में हँसते हैं तो अँधेरे में रोते हैं। खिलाड़ी तो कोई और है हम तो मोहरे हैं जो बिसात की चादर पे हार जीत ढोते हैं। समन्दर की छोटी बड़ी हर लहर की तरह हम साँसों की डोर में सुख-दुख पिरोते हैं। नसीब मुक़द्दर ये मन बहलाने की बातें हैं हम काटते वही हैं जो भी कर्मो में बोते हैं। ज़िंदगी का अंत जब किसी को पता नहीं फिर क्यों हम भविष्य के सपने सँजोते हैं। किनारों पर तलाशने से कुछ नहीं मिलेगा मोती उन्हें मिले हैं जो लगाते गहरे गोते हैं। कोई कितने भी हष्टपुष्ट और बलशाली हैं मौत के आगे तो हम चने के दाने थोते हैं।...
गोल्ड का सपना टूटा, ओलंपिक में रवि दहिया ने जीता सिल्वर

गोल्ड का सपना टूटा, ओलंपिक में रवि दहिया ने जीता सिल्वर

खेल, राष्ट्रीय
-भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीत लिया है। गुरुवार को 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रवि दहिया को दूसरी वरीय रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव ने 7-4 से मात दी। फाइनल में हार के साथ ही रवि का ओलंपिक में गोल्ड जीतने का सपना टूट गया। रवि दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।र रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव से फाइनल में हार गए। भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीत लिया है। गुरुवार को 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रवि दहिया को दूसरी वरीय रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव ने 7-4 से मात दी। फाइनल में हार के साथ ही रवि का ओलंपिक में गोल्ड जीतने का सपना भी टूट गया। गौरतलब है कि ओलंपिक में सिर्फ अभिनव बिंद्रा ही व्यक्तिगत स्पर्धा में अब तक भारत के लिए गोल्ड जीत पाए हैं। अ...
जम्मू-कश्मीर व कर्नाटक में आईएसआईएस के चार आतंकी गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर व कर्नाटक में आईएसआईएस के चार आतंकी गिरफ्तार

राष्ट्रीय
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में आईएसआईएस के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग आईएसआईएस का प्रोपेगेंडा आगे बढ़ा रहे थे। इन लोगों पर आतंकी फंडिंग का भी आरोप है। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि उनकी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ कश्मीर में तीन और बंगलूरू व मंगलूरू के एक-एक ठिकानों में छापा मारा। जांच एजेंसी ने श्रीनगर से ओबैद हामिद, बंदीपुरा से मुजम्मिल हसन भट, मंगलूरू से अम्मार अब्दुल रहमान और बंगलूरू से शंकर वेंकटेश पेरूमल को गिरफ्तार किया। एनआईए केरल के मोहम्मद अमीन के नेतृत्व में चल रही आतंकी गतिविधियों की जांच कर रही है। उसके तीन साथियों अमीन और उसके सहयोगियों मुशाब अनवर और रहीस राशिद को मार्च में गिरफ्तार किया था। यह समूह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म में आईएसआईएस का प्रोपेगेंडा च जिहादी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है। एनआईए ने 5 मार्च 2021 सात नाम...
टोक्यो ओलंपिक: कुश्ती में रवि दहिया दिला सकते हैं गोल्ड

टोक्यो ओलंपिक: कुश्ती में रवि दहिया दिला सकते हैं गोल्ड

खेल, राष्ट्रीय
-टोक्यो ओलंपिक का आज 14वां दिन है। भारत के खाते में सब तक चार मेडल आ चुके हैं। कुश्ती में रवि दहिया सिल्वर मेडल पक्का कर चुके हैं। लेकिन, उनसे गोल्ड की उम्मीद है। वहीं, पुरुष हॉकी में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीत लिया है। टोक्यो ओलंपिक के 14वें दिन कुश्ती में बड़ा उलटफेर हुआ है। दुनिया की नंबर वन रेसलर (53 किलो भार वर्ग) क्वार्टर फाइनल मैच हार गई हैं। हालांकि, कांस्य पदक की उम्मीदें जिंदा है। इससे पहले भारत की पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचा। उसने कांस्य पदक के मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया। टोक्यो ओलंपिक के 14वें दिन कुश्ती में बड़ा उलटफेर हुआ है। दुनिया की नंबर वन रेसलर (53 किलो भार वर्ग) क्वार्टर फाइनल मैच हार गई हैं। हालांकि, कांस्य पदक की उम्मीदें जिंदा है, इससे पहले भारत की पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचा। उसने कांस्य पदक के मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया। ओलंपिक का 14वें दिन ...
पुरुष हॉकी में टीम इंडिया ने रचा इतिहास, जीता मेडल

पुरुष हॉकी में टीम इंडिया ने रचा इतिहास, जीता मेडल

खेल, राष्ट्रीय
भारत की पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है, टीम ने कांस्य पदक के मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया है. भारत ने 41 साल बाद हॉकी में मेडल जीता है. भारत को हॉकी में आखिरी बार 1980 के ओलंपिक में मेडल मिला था. जर्मनी टीम ने चौथे क्वार्टर में शानदार शुरुआत की है. 48वें मिनट में उसकी ओर से चौथा गोल दागा गया है. इस गोल के साथ भारत की बढ़त को कम कर दिया है. जर्मनी ने ये गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किया. चौथे क्वार्टर के इस खेल में जर्मनी हावी रहा है....
हरीश कंडवाल… उत्तराखंड सरकार… ऐसे में कैसे पढ़ेंगी बेटियां.. कैसे बढ़ेंगी बेटियां?

हरीश कंडवाल… उत्तराखंड सरकार… ऐसे में कैसे पढ़ेंगी बेटियां.. कैसे बढ़ेंगी बेटियां?

उत्तराखण्ड
हरीश कंडवाल पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड ------------------------------------------ ऋषिकेश से सटा जनपद पौड़ी गढ़वाल का यमकेश्वर ब्लॉक आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ब्लॉक में कई गांवों में आज भी बेटियां जान हथेली पर रखकर आखर बांचने की जिद ठाने हुए हैं। लड़कियां सुबह सवेरे अंधेरे में टॉर्च लेकर स्कूल के लिए निकलती हैं। बरसात में तेज बहाव वाली नदी पार कर पांच से सात किलोमीटर खड़ी चढ़ाई और उतराई नापकर स्कूल पहुंचती हैं। इनके लिए अपना राज्य बनने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पाई... केंद्र सरकार बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ का नारा दे रही है... ऐसे में उत्तराखंड सरकार बताए कि ऐसे पढ़ेगी उत्तराखंड की बेटियां... ऐसे बढ़ेंगी उत्तराखंड की बेटियां??? यमकेश्वर क्षेत्र की बानगी तो देखिये जहॉ जनता ने लोकतंत्र में प्रतिनिधि चुनकर बेटियों को आगे बढाया है। लेकिन, वहीं उतना ही कड़वा घूट यह है कि वहॉ ...
अमित नैथानी मिट्ठू…. महादेव आप सत्य हो, अनन्त हो, अविनाशी हो…

अमित नैथानी मिट्ठू…. महादेव आप सत्य हो, अनन्त हो, अविनाशी हो…

आध्यात्मिक
अमित नैथानी मिट्ठू ऋषिकेश, उत्तराखंड ------------------------------------- महादेव कितने सौम्य हैं आप। गले मे सर्प, कानों में बिच्छू, वस्त्रों में बाघम्बर, दुनिया जिनसे दूर भागती है उन्हें आपने अपना आभूषण बना रखा है। चन्दन लगाने के बजाय आप श्मशान की भस्म से खुद को शृंगित करते हो। मस्तक पर चन्द्र और जटाओं में गङ्गा को स्थान दिया है, जिन्हें मांगलिक कार्यों में कोई भी बुलाने की तो छोड़ो सोचता तक नहीं है, उन भूत-पिशाचों को आप अपने विवाह में निमंत्रण देते हो। अहो! कितने करुण हो आप महादेव। सिर्फ एक लोटा जल से आप प्रसन्न हो जाते हो। संसार के विषाक्त पदार्थों को अपने कण्ठ में प्रच्छन्न कर देते हो। ध्यानस्थ होकर किसका तथ्यान्वेषण करते हो? आप भूतों के भी उतने ही प्रिय हो जितने भक्तों के.. मैं न तो भक्त हूँ और न मेरे पास आपको न्यौछावर करने के लिए कुछ है। वह जल जिससे आपका अभिषेक करता हूँ वह...
किसी वस्तु की प्राप्ति पर न अभिमान हो और न छूटने पर दुःख… यही तो योग है…

किसी वस्तु की प्राप्ति पर न अभिमान हो और न छूटने पर दुःख… यही तो योग है…

आध्यात्मिक
भगवद चिन्तन योगस्थ: कुरुकर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय सिद्धय सिद्धयो:समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते! हमारे व्यवहारिक जीवन में योग का क्या साधन है अथवा व्यवहारिक जीवन में योग को कैसे जोड़ें? इसका श्रेष्ठ उत्तर केवल गीता के इन सूत्रों के अलावा कहीं और नहीं मिल सकता है। गुफा और कन्दराओं में बैठकर की जाने वाली साधना ही योग नहीं है। हम अपने जीवन में, अपने कर्मों को कितनी श्रेष्ठता के साथ करते हैं, कितनी स्वच्छता के साथ करते हैं बस यही तो योग है। गीता जी तो कहती हैं कि किसी वस्तु की प्राप्ति पर आपको अभिमान न हो और किसी के छूट जाने पर दुःख भी न हो। सफलता मिले तो भी नजर जमीन पर रहे और असफलता मिले तो पैरों के नीचे से जमीन काँपने न लग जाये। बस दोंनो परिस्थितियों में एक सा भाव ही तो योग है। यह समभाव ही तो योग है।...