भू-माफियाओं की भेंट चढ़ते जा रहे आम और लीची के बाग-बगीचे
भू-माफियाओं की भेंट चढ़ते जा रहे आम और लीची के बाग-बगीचे
वन विभाग और माफियाओं की मिलीभगत से फलदार और छायादार वृक्षों पर चलती रही है आरियां!
देहरादून- एक समय था, जब देहरादून लीची, चाय तथा बासमती चावल की पैदावार को लेकर अपना अलग ही उच्च स्थान बनाए हुए था, लेकिन धीरे-धीरे अब यह अपना-अपना अस्तित्व समाप्त करते हुए नजर आ रहे हैं | आज न चाय है, न बासमती चावल है और न ही आम और लीची के पर्याप्त बाग बगीचे ही बचे हैं | देहरादून की मशहूर लीची अब काफी कम ही दिखाई देती है, क्योंकि भू-माफिया यह सब कुछ चट कर गए हैं और बचा हुआ चट करने में लगे हुए हैं| देश ही नहीं, विदेशों में भी देहरादून की मशहूर लीची काफी प्रसिद्ध रही है| आज इन्हीं लीची के पेड़ों का जिस तरह से सफाया किया जा रहा है और संबंधित वन विभाग के अधिकारी तथा स्वयं सरकार इस तरफ अपनी गंभीरता से मुंह मोड़े हुए है, वह वास्तव में देहरादून की प्रसिद...