Saturday, June 20News That Matters

Day: September 11, 2021

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- पर्यावरण संरक्षण में पीपल और बरगद के पेड़ अहम भूमिका निभाते हैं

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- पर्यावरण संरक्षण में पीपल और बरगद के पेड़ अहम भूमिका निभाते हैं

उत्तराखण्ड
देहरादून। पर्यावरण संरक्षण सरकार या किसी संस्थान की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास की जरूरत है। पर्यावरण संरक्षण में पीपल और बरगद के पेड़ अहम भूमिका निभाते हैं। यह बड़े गौरव की बात है कि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ रिमोट सेंसिंग समेत अन्य संस्थान के विज्ञानियों ने प्रमाण के साथ इस बात को साबित भी कर दिया है। यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आइआइआरएस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कहीं। शुक्रवार को आइआइआरएस की ओर से समाजसेवी, राजनीतिक व्यक्तित्व एवं पत्रकारों के लिए आइआइआरएस भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देववृक्षों के ज्यादा से ज्यादा रोपण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीपल एवं बरगद जैसे वृक्ष पूजनीय हैं, क्योंकि वह हमें सबसे ज्यादा प्राणवायु मुहैया करते हैं। उत्तर...
उत्‍तराखंड के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, चमोली रहा केंद्र

उत्‍तराखंड के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, चमोली रहा केंद्र

उत्तराखण्ड
देहरादून उत्‍तराखंड के कई जिलों में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इससे लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों का कहना है कि झटके काफी तेज थे। आज सुबह करीब पांच बजकर 58 मिनट पर उत्‍तराखंड में भूकंप आया। भूकंप का केंद्र चमोली जिले के जोशीमठ में रहा। यह धरती के पांच किमी अंदर आया। साथ ही इसकी तीव्रता रिक्‍टर स्‍केल पर 4.7 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। हालांकि अभी तक भूकंप से नुकसान की कोई सूचना नहीं है। शनिवार की सुबह चमोली की धरती भूकंप से कांप उठी। भूकंप का झटका तेज था, इससे लोग घरों से भी बाहर निकल गए। आज सुबह 5.58 बजे की धरती कांप उठी। भूकंप का केंद्र चमोली जिले के जोशीमठ में जमीन के भीतर करीब पांच किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मैग्नीट्यूड रही। भूकंप के तेज झटका चमोली के अलावा अन्य जिलों ...
कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत की राजनीतिक विरासत को उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं रावत संभालेंगी

कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत की राजनीतिक विरासत को उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं रावत संभालेंगी

उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव के लिए अब महज चार-पांच महीने का ही वक्त शेष है। भाजपा और कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुके हैं। जैसा हर चुनाव से पहले होता है, दलबदल की राज्य में शुरुआत हो चुकी है। इस सबके बीच अब स्थापित नेताओं के परिवार से उनके उत्तराधिकारी के रूप में युवा चेहरों ने भी राजनीति में दस्तक देनी शुरू कर दी है। पिछले तीन दशक से राजनीति में सक्रिय कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत की पुत्रवधू पूर्व मिस इंडिया अनुकृति गुसाईं रावत ने इसकी पहल की है। इससे भाजपा के खेमे में हलचल होना तय है। हरक सिंह रावत उत्तराखंड की राजनीति में एक स्थापित चेहरा हैं। वह कांग्रेस की दो सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे और वर्तमान भाजपा सरकार में भी कैबिनेट का हिस्सा हैं। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली मौजूदा भाजपा सरकार में उनके पास वन एवं पर्यावरण, श्रम, ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण ...
करनाल किसान आंदोलन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बैठक खत्‍म, लाठीचार्ज की न्‍यायिक जांच

करनाल किसान आंदोलन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बैठक खत्‍म, लाठीचार्ज की न्‍यायिक जांच

राष्ट्रीय
करनाल,: करनाल के लघु सचिवालय में चल रहा किसानों का पड़ाव पांचवें दिन समाप्‍त हो गया। किसान नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता सफल रही। दोनों पक्षों ने सामने आकर सहमति जताई। वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि बैठक से पहले संयुक्‍त किसान मोर्चा के वरिष्‍ठ नेताओं से बातचीत हो चुकी थी। मांग मान ली गई है। अब किसान नेता जाट धर्मशाला के लिए रवाना हो गए हैं। वहां पर आंदोलनकारी मौजूद हैं। करनाल में किसानों का धरना समाप्‍त हो गया है। करनाल किसान आंदोलन का पांचवां दिन अहम साबित हुआ। सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) देवेंद्र सिंह, डीसी निशांत कुमार यादव और एसपी गंगाराम पूनिया के साथ किसान नेताओं की बातचीत हुई। किसान नेताओं में मुख्‍य रूप से गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने नेतृत्‍व किया। बातचीत सफल रही। इसके बाद दोनों पक्ष मीडिया के सामने ...